वफ़ाएँ याद करोगे - मई 26, 2020 दिन दिन बढ़ता प्रेम, आसमां छूने लगा था बनाया था ले ले कर मोहब्बत की गुहार तुम्हारे लिए तुम्हारे दिल में सर्द हवाएँ ही करवटें लेती होंगी कि ना दिख पाया मेरी आँखों का प्यार तुम्हारे लिए © नितिन शर्मा टिप्पणियाँ
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