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ज़रूरी नहीं

 खुशकिस्मत होते हैं वो जिन्हें  हसरतों के ख़ज़ाने मिल जाते हैं  ज़रूरी नहीं हर किसी को  खुश रहने के बहाने मिल जाते हों  कभी कभी कदम तक  उठ नहीं पाते  उस अगले पत्थर की तरफ , जनाब ! ज़रूरी नहीं हर किसी को  हौंसला अफ़ज़ाई देने वाले अफ़साने मिल जाते हों  ऊंचे महलों में बैठे सेठों के मुख से  खुश रहने की हिदायत  सुनने में बहुत अच्छी लगती है  लेकिन फटे जुराब सिलाने के लिए  ज़रूरी नहीं हर जेब में चार आने मिल जाते हों  नितिन शर्मा (२७/०६/२२)

तुझे सूरज कहूं या चंदा

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तुझे सूरज कहूं या चंदा तुझे फूल कहूं या तारा मेरा काम करेगा रौशन जग में मेरा राज दुलारा मैं पंख काट कर तेरे तुझे अपने पास बुला लूँ मैं देकर दाना तुनका तुझे अपना दास बना लूँ तेरी काबिलियत मुझसे है तेरी हरकत मेरा इशारा मेरा काम करेगा रौशन जग में मेरा राज दुलारा डग मग डग मग तू चलेगा तब मेरी आस बंधेगी और जब उड़ने तू लगेगा मेरी ज़िंदगी उड़ान भरेगी तू बनकर पतंग उड़ेगा नियंत्रण मेरे हाथ में सारा मेरा काम करेगा रौशन जग में मेरा राज दुलारा तेरे सपनों की मुझको है तनिक भी नहीं परवाह मेरी एक आवाज़ तू सुनना मुझसे पल पल तू डरना गर आँख उठाई जो तूने तुझे करदूँ तबाह दोबारा मेरा काम करेगा रौशन जग में मेरा राज दुलारा नितिन शर्मा