कटी पतंग
कटी पतंग अगर किसी शाख पर अटकी दिखे अगले ही पल कोई अवधारणा न बना लेना आसमानों की ऊंचाइयां छूकर आई होगी कितनों के दिल गद गद कर बादलों में लहराई होगी टूटा दिल लिए आज जो मुरझाई सी बैठी है वो भी कभी फूलों सी खिलखिलाई होगी कटी पतंग अगर किसी शाख पर अटकी दिखे अगले ही पल कोई अवधारणा न बना लेना आसमानों की ऊंचाइयां छूकर आई होगी कितनों के दिल गद गद कर बादलों में लहराई होगी जब मस्ती में लहराती हंसती मुस्कुराती सी अचानक पराये मांझे से उलझी होगी दिल धक् से रह गया होगा रोइ होगी चिल्लाई होगी कटी पतंग अगर किसी शाख पर अटकी दिखे अगले ही पल कोई अवधारणा न बना लेना आसमानों की ऊंचाइयां छूकर आई होगी कितनों के दिल गद गद कर बादलों में लहराई होगी देखी हैं इसने भी शौहरत अपने मालिक की आँखों में खुद के लिए शाबाशियां सुनी हैं इसने अपने कानों में क्या हुआ की अब सब लुटा के बैठी है , मगर इसके लिए भी कोई कहानी तो ऊपर वाले ने बनाई होगी कटी पतंग अगर किसी शाख पर अटकी दिखे अगले ही पल कोई अवधारणा न बना लेना आसमानों की ऊंचाइयां छूकर आई होगी कितनों के दिल गद गद कर बादलों में लहराई होगी