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हाथ में फोन है मेरे

 हाथ में फोन है मेरे  और सिर पे एप्प चढ़ जाए  बगल में  बैठे हैं अपने  सभी से गैप बढ़ जाये  नई दुनिया बुने जाते  है जो देखी नहीं हमने  गढ़ी कुछ नई लकीरें सी  जो हर एक टैप गढ़ जाए हूँ मैं व्यक्ति  अभिव्यक्ति  - अधिकार हैं मेरा   स्टेटस रोज़ हो अपडेट  संसार है मेरा  ये दिखते अंक हैं  और कुछ नहीं  जो खींचते मुझको  नहीं तो कितनी कवितायें  बनी श्रृंगार हैं मेरा  अपने पास के रिश्ते हों  न उनमे हो तनिक दूरी  करू मई टाइप रिश्तों को  और तनिक swipe किश्तों को  जब जितना ज़रूरी  हाथ में ये फ़ोन तब आये  फ़ोन को यूज़ करूँ - लेकिन  न लूज़ करूँ जो परिवार है मेरा 

खाली घड़ा ज़िंदगी का

 खाली घड़ा ज़िंदगी का  हर किसी को भरना है  उम्र का हर पड़ाव  सभी को पार करना है  कभी तेज़ है दिमाग  अफ़लातून भागम भाग  तो कभी शरीर है शिथिल  लेके बैठे दिल के राग  कौन रोक सका है  समय का बहता झरना है  उम्र का हर पड़ाव  सभी को पार करना है 

PARAKH

 Kaho kaise ham bataayen  insaan ka vazan zindagi mein uthaate phire armaan kaa vazan ek doosre mein svaarth dhoodnta  hai din ba din bematlabi thamaa gaya  ehsaan ka vazan kaho kaise ham bataayen insaan ka vazan ----- jo kal mile the hamse nahin aaj wo kahin bas chitr hain vichtr se mere yaadon mein yahin phir kyun uthaate phir rahe pehchaan ka vazan kaho kaise ham batayen  insaan ka vazan ---- jab taal mel ho  kya hai karni aur kathan jab saath gungunaye  apni saans aur vachan kuchh yun karenge ham  sabhi insaan ka vazan kuch yun karenge ham sabhi  insaan ka vazan

मेरी प्यारी-सी बगिया

फूलों से भरी मेरी प्यारी-सी बगिया जहाँ तितलियों ने अपने रंगों को बड़े प्यार से बिखेरा है हर कली कल के सपने देखते हुए मेरे आने का , मुझसे बतियाने का बेसब्री से इंतज़ार करती हैं रात को सोता हूँ तो इस ख़याल से कि कल सुबह फिर उन फूलों से मिलूंगा ये फूल जो प्रतीक हैं मेरे जीवन में महक रहे ख़ुशियों भरे पलों के वो टूटा हुआ सूखा पत्ता जो ज़मीन पर गिरा पड़ा है मुझे अफ़सोस है कि अब इस बाग़ से उसे मुख़्तलिफ़ होना होगा लेकिन वह भी हिस्सा रहा है मेरी खुशनुमा ज़िंदगी का कोई राहगीर अगर मेरे बगीचे से उठ रही सुगंध पाकर मुस्कुराता है फिर भी मुँह चिढ़ाता है तो वह उसका अपना मसला है मैं सब को वही दूंगा जो खुदा ने मुझे बक्शा है खुदाई , खुशियां और खुश्बू - नितिन