दरारें - जनवरी 20, 2022 "दुर्ग में पड़ी दरारें तूफ़ान का पानी पसीजी दीवारें भरी हर एक दरार फिर सहेजा बुहारा मैंने दोबारा की मरम्मत , निखारा अब नहीं खुलूँगा अब ... फिर कभी नहीं "- नितिन शर्मा टिप्पणियाँ
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