एक नया आसमां
हम तुम चले हैं मिलके, बनाने एक नया ही जहाँ
एक नया आसमा
झूमे सभी गाएँ सभी, जीवन में मेरे जी
झूमे सभी गाएँ सभी,
यादों की हवन बरातें, और खिलखिलाती हों बातें
बादल हों सूखे या भीगे कभी
ख़ुशियों की हों बरसातें
देखें यहाँ से वहाँ
एक नया आसमान
हो आज अपना जैसे साँवरा
कहे तो के ये जहाँ बाँवर
हम अपनी तक़दीर गढ़ते रहें
मंज़िल दर मंज़िल यूँ ही बढ़ते रहें
जानें हम जाना कहाँ
एक नया आसमा
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें