कर्म और पुनर्जन्म - मई 30, 2020 ना किसी और का हक़ दरिंदों की भाँति छीनते फिरो यूँ ना हो कि अगले जनम में कचरे के ढेर से खाना बीनते फिरो और पढ़ें
माँ - मई 29, 2020 " धनी हुँ मैं तु जो साथ है तेरे मेरे बीच ये जज़्बात हैं तुझसे शुरू होती मेरी हर बात है माँ तु ही मेरा दिन मेरी रात है " और पढ़ें
Lockdown - मई 27, 2020 स्पर्श दोस्त का भूल रहा हुँ श्वेत सपन - सा झूल रहा हुँ देगी कब यारी द्वारे दस्तक इंतज़ार यह आख़िर कब तक नानी के घर जाना होता सबसे मिलना मिलाना होता गर्मी की छुट्टी कैसी ये आयी अपने ही घर में बैठें कब तक इंतज़ार यह आख़िर कब तक खेल खिलौने कब तक खेलें इंटर्नेट विज्ञापन झेलें खबरों में क्या झूठा क्या सच्चा किसकी मानें कौन है रक्षक इंतज़ार यह आख़िर कब तक कभी ये गहरी धूंद छटेगी आँखों से यह छटा हटेगी सब नया - नया नज़ारा होगा आएगा याद जो देखा अब तक पर इंतज़ार ये आख़िर कब तक © नितिन शर्मा और पढ़ें
वफ़ाएँ याद करोगे - मई 26, 2020 दिन दिन बढ़ता प्रेम , आसमां छूने लगा था बनाया था ले ले कर मोहब्बत की गुहार तुम्हारे लिए तुम्हारे दिल में सर्द हवाएँ ही करवटें लेती होंगी कि ना दिख पाया मेरी आँखों का प्यार तुम्हारे लिए © नितिन शर्मा और पढ़ें
बच्चे - मई 25, 2020 बन बालक बोल बचन मन सुंदर मीठे कथन निश्छल निर्मल निर्विकार सुनयना सपने सदैव साकार © नितिन शर्मा और पढ़ें
हमदम - मई 23, 2020 समाया है मेरे हमदम तेरा हर लफ़्ज़ आहों में तेरा हर स्पर्श तेरी बातें बसती हैं यूँ साँसों में कि जैसे बात हो कल की कि जैसे साथ ही हो तुम तेरी यादों में जीता हुँ हो तुम मेरी पनाहों में समाया है मेरे हमदम तेरा हर लफ़्ज़ आहों में © नितिन शर्मा और पढ़ें
Element Called MOTHER - मई 22, 2020 An element in the universe, around which begins the dance. cord never detaches apart and the moment it does, you don't have a chance. © Nitin Sharma और पढ़ें