याद है न?
अपना न मान लेना कुछ भी
जो हाथ में लिए बैठे हो,
सब मेरा है ..
याद है न ?
गाड़ियाँ, मकान, ये सामान, ये रिश्ते, सम्मान
इनमें लहरा तो रहे हो, बौरा न जाना
सब मेरा है ...
याद है न ?
बीमारी में मेरा ख़याल है
तुम्हें ज़िंदगी से सवाल है
दुखों में मेरी ओर रूख
और सुख में मुझसे बेरुख़ी
ठहाके लगा कर हँसता हूँ
तुम्हारी नादानी पर.
मेरी मौजूदगी ,
याद है न?
रूठते हो, मनाते हो
खीजते हो, सताते हो
इनको जिन्हें
जानकार कहते हो
इनको जिन्हें
सलाहकार कहते हो
तुम्हें आ आ कर सताएँगे
तुम सी गा गा कर सताएँगे
मगर मुझ में मगन रहकर,
तुम इनसे परे रह पाओगे.
मेरी सलाह ...
याद है न?
उलझना नहीं इन धागों में
बँट न जाना इन भागों में
तुम, अपने आप को देख रहे हो
कहा था तुमसे, सब माया है
सब जाना है जो आया है
ये - सब मेरा है ...
याद है न?
यादों का बोझा उठाए
कब तक चलते रहोगे
क़दम जमाए आज में
कल की आग में
जलते रहोगे?
नज़र उठाकर
देखो कल की ओर
उठती गिरती साँसों की
थामे रखो डोर
इन ही से मेरा रास्ता बंधा है
याद है न?
याद रखना - कि मैं
आऊँगा, आता रहूँगा
याद दिलाने
कि सब मेरा है...
-नितिन
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