जब छाये तेरा जादू





जब छाये तेरा जादू, कोई बच न पाये

फूलों की नरमी है तू , शोलों की गर्मी है तू 
तुझमें नीर है सावन का, तुझमें ही प्यार है साजन सा 
सुख प्यारे तुझमें सारे , आकर हैं समाये 
जब छाये....

कभी तू दर्द भी देता है कभी तू दर्द मिटाता है 
कभी तू राज़ छुपाता है , कभी खुद एक राज़ बन जाता है  
हम आकर भी जहां में तुझे ना समझ पाये 
जब छाये ...  

इस संसार के मारे हैं, हम तूफ़ान में सारे हैं 
तुम ही पार लगा सकते, नय्या ये तेरे सहारे है
तर जाए वो यहाँ से, तेरा नाम जो धियाये 
जब छाये ...  

मैंने सुना तेरी दुनिया में, भगवन नज़र तू आता है 
भेजा हमें करने को करम फिर अपनी ओर बुलाता है 
रुकता न यहाँ कोई , जिसे तू है बुलाये 
जब छाये तेरा जादू, कोई बच न पाये..

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